कॉलेज के दोस्त

हिंदी की कविता में कई शब्द अंग्रेजी के इस्तेमाल किए है क्योंकि जिनके लिए कविता लिखी है उनकी हिंदी में खोट है।😂😂

मैं लिखना चाहती नहीं हूँ बस लिख जाती हूँ

कई अनकही बातें यूँही तो तुम तक पहुचाती हूँ

एक खाली कमरे में जान बस सी गई तबसे

उस एक मेज़ पर अपना हक हो गया है जबसे

वो कुछ क्लासेस को लंच ब्रेक बना लेना

वो छुपके से एक दो चुटकुले सुनाकर सबको हँसा देना

टीचर के पीछे मुड़ते ही भोली शक्ल बना लेना

ना जी ना ये स्कूल नहीं

वो उनके बंक प्लान्स पर मेरा पानी फ़ेर देना

वो लंच में अचार न लाने पर गुस्सा होना

और उसे खूब ताने सुनाना

वो क्लास के बीच में अचानक हमारा साथ में कुछ बोलना

और फिर हँसकर वापस पढ़ने लगना

हर एक कॉलेज ईवेंट में मौजूद रहना

नकारात्मक लोगो से एक दूसरे को बचाना

वो पार्क में बैठकर सारी दुःखभरी बातें करना

फिर सब भूलकर खूब हँसना

ये एक साल गुज़र जाने की ख़ुशी तो बहुत है

पर आने वाले तीन साल बाद कही बिछड़ न जाये

इसका डर ज़्यादा हैं

कॉलेज की कहानी है ये मेरी

वो तीन बस दोस्त नहीं ज़िन्दगानी है मेरी।

2 thoughts on “कॉलेज के दोस्त

  1. The whole story of an year. In such a nice words… Love you to the core of my heart n the rest two.. The best memories of this year… N yes will miss u when we leave.. But the present is ours… We will seize it❤️🌸🌈😍

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